नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सभी मंदिरों और मठों में जाने का अधिकार होना चाहिए तथा किसी एक वर्ग को इससे बाहर रखना हिंदू धर्म पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा और समाज को बांट देगा। नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह टिप्पणी केरल के शबरिमला मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की। पीठ विभिन्न आस्थाओं के लोगों द्वारा पालन की जाने वाली धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे और विस्तार पर भी विचार कर रही थी। कोर्ट ने कहा कि मंदिर से किसी का बहिष्कार समाज को बांट सकता है, जिसका असर हिंदू धर्म पर बुरा पड़ सकता है। पीठ में प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, न्या...