मंदिर में घंटी बजाते समय ये गलतियां पूजा का फल कर देंगी कम, पड़ सकता है गलत प्रभाव
नई दिल्ली, जून 22 -- हिंदू धर्म में मंदिर जाते समय घंटी बजाना एक पुरानी और पवित्र परंपरा है। अधिकांश लोग मंदिर में प्रवेश करते समय घंटी जरूर बजाते हैं, लेकिन कई बार वे छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जो पूजा का फल कम कर सकती हैं या नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकती हैं। घंटी की ध्वनि ना सिर्फ देवता को जागृत करती है, बल्कि भक्त की उपस्थिति की सूचना भी देती है। सही नियमों का पालन ना करने से वातावरण की शुद्धि प्रभावित हो सकती है।घंटी बजाने का धार्मिक महत्व घंटी की आवाज को शंख और घड़ियाल की गूंज के समान माना जाता है। पुराणों में कहा गया है कि सृष्टि की शुरुआत में जो नाद हुआ था, घंटी की ध्वनि उसी का प्रतीक है। मंदिर में घंटी बजाने से देवता प्रसन्न होते हैं और भक्त की श्रद्धा बढ़ती है। यह ध्वनि वातावरण से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और सकारात्मक क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.