जमशेदपुर, जून 5 -- पूर्वी सिंहभूम में मंदिरों में पूजा के बाद फेंक दिए जाने वाले फूल अब महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहे हैं। टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से बागुनहातु स्किल सेंटर में उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है, जहां महिलाओं को फूलों की रीसाइक्लिंग से आय के अवसर मिल रहे हैं। इस पहल से वर्तमान में 30 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं जिले के विभिन्न मंदिरों से पूजा के बाद एकत्र किए गए फूलों को संग्रहित कर उनसे फ्लावर धूप कोन तैयार कर रही हैं। जो फूल पहले कचरे में चले जाते थे, आज वही महिलाओं की आजीविका और सम्मान का आधार बन गए हैं। यह भी पढ़ें- पर्यावरण को समर्पित कर दी जिंदगी इस पहल से जुड़ी खुशबू बताती हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मंदिरों में चढ़ाए गए फूल परिवार की आय का साधन बन सकते हैं...