चित्रकूट, अप्रैल 26 -- चित्रकूट। धर्मनगरी चित्रकूट में मां मंदाकिनी के निर्मल और अविरल स्वरूप को बनाए रखने के लिए डीआरआई के आरोग्यधाम में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। विशेषज्ञों ने चिन्हित स्थलों का सर्वेक्षण करने के बाद समापन दौरान अपने सुझाव रखे। जिसमें मंदाकिनी के जलग्रहण क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने की जरुरत पर खासकर जोर दिया गया। कार्यशाला में मंदाकिनी के सीवेज प्रबंधन एवं पारिस्थितिक पुनस्र्थापना विषय पर विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए थे। प्रसिद्ध पर्यावरणविद एवं परिस्थिकविद प्रो सीआर बाबू ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल के निदेशक डा एके विद्यार्थी ने तीनों टीमों के विचारों का प्रस्तुतीकरण किया। डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन व कोषाध्यक्ष बसंत पंडित ने अथितियों व विशेषज्ञों को मोमेंटो...