पटना, जनवरी 14 -- राज्य सरकार ने मंत्रियों को दूसरा आवास दिये जाने को लेकर पूरी स्थिति स्पष्ट की है। इस संबंध में बुधवार को संसदीय कार्यमंत्री सह भवन निर्माण निर्माण मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि मंत्रियों को दूसरा आवास यूं ही नहीं है। यह उन्हें तय प्रावधान के तहत ही दिया जा रहा। श्री चौधरी ने कहा कि विधायकों के लिए उनके क्षेत्र के अनुसार आवास कर्णांकित है और उसमें दूसरी व्यवस्था नहीं हो सकती है। यदि कोई विधायक मंत्री बन जाते हैं तो उनके क्षेत्र के क्रम के अनुसार निर्धारित आवास मौजूदा नियम के अनुसार किसी दूसरे को या फिर किसी दूसरे कार्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। ऐसे में वे बेकार पड़े रहेंगे और रखरखाव के अभाव में जर्जर हो जाएंगे। यदि कोई मंत्री लंबे समय तक मंत्री रहे तो उनका विधायक वाला आवास वर्षों खाली रहेगा। इससे वे काफी जर्...