प्रयागराज, मार्च 10 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के सात दिवसीय विरासत कला उत्सव के पांचवें दिन मंगलवार को मुंबई की नाट्य संस्था संस्कृति सौरभ की ओर से नाटक तुलसी का मंचन किया गया। नाटक के लेखक व निर्देशक शेखर सेन ने केंद्र के सभागार में एकल नाट्य प्रस्तुति के जरिए गोस्वामी तुलसीदास की भूमिका निभाई। प्रस्तुति उस कल्पनात्मक क्षण को जीवंत करती हुई दिखाई दी, जब मंच पर गोस्वामी तुलसीदास 24 घंटे के लिए पृथ्वी पर आते हैं और अपने जीवन के संघर्ष, भक्ति व सृजन की कहानी स्वयं सुनाते हैं। उनकी निर्धनता व उपेक्षा से भरे बचपन से लेकर एक महान संत बनने तक की यात्रा का मंचन दर्शकों को भावुक करता है। शेखर सेन ने उस सामाजिक चेतना को भी उभारा, जिसमें तुलसीदास ने धर्म के नाम पर हो रहे शोषण का विरोध करते हुए रामचरितमानस की रचना की। मंच...