आदित्यपुर, सितम्बर 7 -- चांडिल। चांडिल डैम के निर्माण के चार दशक के बाद भी विस्थापितों को मुआवजे के लिए भटकना पड़ रहा है। पुनर्वास स्थलों में रहने वाले विस्थापितों को स्वामित्व प्रमाण पत्र (पट्टा) नहीं मिलना विस्थापितों के साथ अन्याय है। यह बातें चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच के नेता नारायण गोप ने चांडिल डैम स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में कही। नारायण गोप ने सरकार से विस्थापन आयोग को सक्रिय करने , पुनरीक्षित पुनर्वास नीति 2003 एवं 2012 को लागू करने तथा मछली पालन एवं पर्यटन में योजना बनाकर विस्थापितों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने, विस्थापितों के लंबित मामले का शीघ्र निपटारा की बात कही। उन्होंने कहा कि विस्थापितों के हितों की रक्षा एवं जागरूक करने के उद्देश्य से मंच विस्थापित गांवों में सोमवार से 12 सितंबर तक संवाद यात्रा निकालेगी। म...