उन्नाव, जून 11 -- उन्नाव। हत्याकांड के दूसरे दिन आक्रोशित भीड़ में शामिल घूरेटोला निवासी रामजीवन ने बताया कि संत ने 15 दिन पहले निर्माणाधीन मंदिर में मंगलवार को भंडारा किया था। भंडारे के दिन से दो दिन लगातार निर्माणाधीन मंदिर में लाउडस्पीकर बजाया। उसके बाद दूसरे वर्ग लोगों ने विरोध किया। विरोध पर तीसरे दिन संत ने लाउडस्पीकर बंद कर दिया। कोई बातचीत नहीं हुई। शांति और खामोशी रही। कोई दिक्कत नहीं हुई। 15 दिन के बाद मंगलवार को संत को हलाल कर दिया। 15 दिन पहले सोची समझी साजिश थी। संत ने मंगलवार को भंडारा किया था। उन्हें मंगलवार को ही मारा गया। यह भी पढ़ें- यूपी : संत की हत्या को लेकर तनाव, पुलिस छावनी बना इलाका; सभासद के अहाते पर चला बुलडोजर धमकी देते हुए भागे कि हमारे नबी हमें बचाएं। मांग की कि पांचों नामजद का घर तोड़ा जाए।

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