जबलपुर, मार्च 18 -- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में एक याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाते हुए उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने 200 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने गर्भपात की वजह से मारे गए अपने बच्चे के भ्रूण को अदालत में लाकर रखने की याचिकाकर्ता की हरकत को बेहद आपत्तिजनक और कानून के खिलाफ बताया, साथ ही स्पष्ट किया कि न्यायिक कार्यवाही को इमोशनल नाटकबाजी या भावनाओं के प्रदर्शन का मंच नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि न्याय पूरी तरह से कानून और सबूतों के आधार पर दिया जाता है। मामले को खारिज करते हुए अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता बुनियादी सबूत भी पेश करने में विफल रहा है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार उच्च न्यायालय ने इस याचिका को पिछले सोमवार (9 मार्च) को खारिज किया था। इस याचिका को दयाशंकर पा...
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