मिर्जापुर, अगस्त 6 -- मिर्जापुर, संवाददाता। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार का मामला विधान परिषद में उठने के बाद सभापति के आदेश पर जांच के बाद तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक मायाराम को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय प्रयागराज से संबद्ध करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी गई, लेकिन आरोपित लिपिक शिवदास आज भी कार्यालय में जमे हुए हैं।

जांच की प्रक्रिया आरोपित लिपिक विरूद्ध कार्रवाई भी नहीं हई। जिसे लेकर कायसों का दौर जारी है। हलिया के पंवारी स्थि शिवप्रताप सिंह इंका के प्रबंधक ने विधान परिषद के सभापति को शिकायती पत्र सौंपते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की जानकारी दी थी। शिकायती पत्र के आधार पर जून माह में विधान परिषद में मामले उठा था। सभापति ने प्रदेश को माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कार्रवाई करने क...