देवरिया, नवम्बर 10 -- कपरवार, हिंस। कपरवार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराते हुए कथा व्यास डा श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि अनैतिक कृत्य व भ्रष्टाचार के द्वारा इकठ्ठा किया गया धन इहलोक व परलोक दोनों का नाश कराता है। दुर्योधन इत्यादि ने युधिष्ठिर के सामने जुआ का प्रस्ताव रखा जिसे युधिष्ठिर ने स्वीकार कर लिया। जुआ में राजपाठ धन दौलत और द्रोपदी को भी हार गए। तब दुर्योधन ने अपने भाई दु:शासन को आदेश किया कि द्रौपदी अपनी दासी हो गई है उसे सभा में लाकर नंगा कर दो । आदेश पाते ही दु:शासन द्रोपदी को नंगा करने लगा । द्रौपदी हाथ जोड़कर अपनी लाज बचाने के लिए प्रार्थना करने लगी । लेकिन कोई बचाने नहीं आया तो थक-हार कर अंत में भगवान श्रीकृष्ण को पुकारा । द्रोपदी की पुकार सुन श्रीकृष्ण ने आकर साडी के रुप में प्रवर्तित ...
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