नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- प्रदोष व्रत का खास महत्व है और इस दिन की पूजा भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित होती है। इसे हर महीने त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। जब भी ये तिथि मंगलवार के दिन आती है तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने के अलावा व्रत कथा सुनी जाए तो पूजा का पूरा फल मिलता है और भगवान की कृपा हमेशा बनी रहती है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से हर तरह के पाप और रोग मिटते हैं। साथ ही पैसों से जुड़ी दिक्कत भी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। इस व्रत से जुड़ी एक कथा है जोकि एक वृद्ध महिला और उसके बेटे मंगलिया के इर्द गिर्द घूमती है।भगवान हनुमान ने ली भक्त की परीक्षा बहुत समय पहले की बात है कि एक नजर में एक वृद्ध महिला अपने बेटे मंगलिया के साथ रहती थी। इस महिला की भ...