भोलेनाथ का अर्धनारीश्वर स्वरूप नारी सम्मान का संदेश
बलिया, अगस्त 11 -- बलिया। देवाधिदेव महादेव के अर्धनारीश्वर स्वरूप सृष्टि सृजन के साथ ही समाज में महिलाओं के सम्मान देने का संदेश है। फेफना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी आचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि सनातन धर्म में भगवान शंकर देवों के देव यानि महादेव के रूप में पूजे जाते हैं। उनके अर्धनारीश्वर स्वरूप में उनका आधा शरीर पुरुष का है और आधा शरीर नारी का है। बताया कि भगवान शंकर का यह स्वरूप सृष्टि सृजन और नारी सम्मान का संदेश देने वाला है। पुराणों में वर्णन है कि सृष्टि निर्माण की जिम्मेदारी ब्रह्मा को दी गई थी। शुरूआत में वह मानसिक सृष्टि की रचना कर रहे थे, जिसका विस्तार नहीं हो रहा था। यह भी पढ़ें- सावन शिवरात्रि पर कैसे बनाएं पार्थिव शिवलिंग, कब और कैसे करें विसर्जन आकाशवाणी होने के बाद ब्रह्मा ने मैथुनी सृष्टि करने का निश्चय तो कर लि...
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