प्रयागराज, मार्च 19 -- वासंतिक नवरात्र के पहले दिन भोर में चार बजे से ही शक्तिपीठ मां अलोपशंकरी मंदिर, मां ललिता देवी व मां कल्याणी देवी मंदिर जय माता दी, जय माता दी के जयकारों से गूंजने लगा तो उसी समय गर्भगृह में मां भगवती की मंगलाआरती के दौरान शंखनाद व घंटा-घड़ियाल की गूंज से परिसर सराबोर हो उठा। आधे घंटे की आरती के बाद जैसे ही मां के शैलपुत्री स्वरूप के शृंगार का दर्शन करने को मंदिरों के परिसर के बाहर लंबी कतार लगी रही। दोपहर एक बजे तक मंदिरों में महिलाओं व पुरुषों की अलग-अलग कतार में मां के दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवरत चलता रहा। हाथों में नारियल, चुनरी व फूलमाला लेकर उसे मां को अर्पित करने के लिए भक्त आतुर दिखाई दिए। इस दौरान प्रेम से बोलो जय माता दी व सच्चे दरबार की जय हो के जयकारे लगाए जाते रहे। परिसर में बैठकर मां का आह्वान करते हुए...