भोपाल, जनवरी 31 -- मध्य प्रदेश के भोपाल की एक अदालत में धोखाधड़ी का एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कुख्यात 'इरानी डेरा' गैंग के अपराधियों को छुड़ाने के लिए एक मृत व्यक्ति की तस्वीर और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल पुलिस ने 27-28 दिसंबर को पुलिस को निशाना बनाने के आरोप में ईरानी डेरा से गिरफ्तार किए गए एक गैंग के लिए धोखाधड़ी और फर्जी कागजात जमा करने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें दो वकील, एक शपथ आयुक्त और दो ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने अदालत में जमानत बांड जमा किए थे। जमानत बांड जमा करने वाले दो लोगों में से एक की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे का उस जमीन के टुकड़े पर कोई दावा नहीं है जिसे उसने जमानत बांड जमा करते समय गारंटी के रूप में रखा था। यह भी...