आरा, मई 14 -- ​ जगदीशपुर (भोजपुर), निज संवाददाता । कहते हैं पिता बच्चों की दुनिया का सबसे मजबूत कंधा होता है, लेकिन नियति ने भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड के दीघा गांव में बुधवार को ऐसा क्रूर दृश्य दिखाया जिसे देख पत्थर दिल भी पसीज गए। ओडिशा में रोजी-रोटी कमाने गए 30 वर्षीय ट्रक चालक ज्ञानी यादव का पार्थिव शरीर जब गांव पहुंचा, तो चीत्कारों से आसमान दहल उठा। सबसे मार्मिक क्षण वह था जब उन दुधमुंहे बच्चों ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया, जो अभी ठीक से दुनिया को पहचानते भी नहीं हैं। मासूम हथेलियों को पिता की अंतिम यात्रा का सहारा बनते देख वहां मौजूद हजारों लोगों का कलेजा मुंह को आ गया और पूरा इलाका फफक पड़ा। बता दे कि जगदीशपुर के दीघा निवासी ज्ञानी यादव परिवार के एकमात्र आर्थिक आधार थे। उनके पिता का पहले ही देहांत हो चुका है। गुरुवार को शव...