वाराणसी, अप्रैल 30 -- वाराणसी। भोजपुरी संघ की ओर से मैदागिन स्थित कार्यालय में प्रख्यात नवगीतकार और साहित्यभूषण पं. श्रीकृष्ण तिवारी की 13वीं पुण्यतिथि मनाई गई। अध्यक्षता करते हुए संघ के महासचिव डॉ. अपूर्व नारायण तिवारी 'बनारसी बाबू' ने कहा कि तिवारी जी के गीतों में लोकरंग, सौंदर्यबोध और यथार्थवाद का अनूठा संगम मिलता है। उनकी कृतियों में जीवन के हर भाव चाहे वह सौंदर्य हो या पीड़ा का सजीव चित्रण है। मुख्य अतिथि डॉ. रामसुधार सिंह ने उन्हें सौंदर्यबोध का कुशल चितेरा और स्वाभिमानी गीतकार बताया। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. श्रद्धानंद, लाला रामकिशुन गुप्ता ने उन्हें साहित्य परंपरा का ध्वजवाहक और सामाजिक सरोकारों का रचनाकार करार दिया। यह भी पढ़ें- कवि की असामयिक मृत्यु पर दी गई श्रद्धांजलि श्रद्धांजलि सभा के दौरान उनके लोकप्रिय गीतों की पंक्तियां...