पिथौरागढ़, फरवरी 5 -- पिथौरागढ़। एलएसएम कैंपस में सभ्यताओं में विचारों की सुरक्षा भोजपत्र से पेटेंट तक की भारतीय यात्रा विषय को लेकर व्याख्यान हुआ। देहरादून के डॉल्फिन पीजी इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज के भौतिकी एवं बायोफिज़िक्स विभाग के डॉ. आशीष रतूड़ी ने अपनी बात छात्र-छात्राओं के साथ साझा की। प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा से लेकर आधुनिक पेटेंट प्रणाली तक बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में एलएसएम कैंपस के निदेशक डॉ. हेम चंद्र पाण्डेय,आईपीआर सेल समन्वयक डॉ. गरिमा पुनेठा ,डॉ. कमलेश भाकुनी सहित अन्य शोधार्थी व प्राध्यापक मौजूद रहे।
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