सिमडेगा, अप्रैल 20 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। कॉमर्शियल गैस की किल्लत के बीच जिले मे लकड़ी के चूल्हों का चलन तेजी से बढ़ने लगा है। खासकर ग्रामीण इलाकों के होटल और ढाबों में अब भोजन से लेकर नाश्ता और चाय तक लकड़ी के चूल्हे पर ही तैयार हो रहे हैं। गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति और बढ़ती कीमतों ने छोटे व्यवसायियों को इस विकल्प की ओर लौटने पर मजबूर कर दिया है। धीरे-धीरे शहर के होटलों तक भी इसका असर पहुंचने लगा है। कई छोटे होटल संचालक खर्च कम करने और लगातार काम जारी रखने के लिए लकड़ी के चूल्हों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि भीषण गर्मी के बीच लकड़ी के चूल्हे पर काम करना आसान नहीं है। चूल्हे की तेज आंच और धुएं के बीच खाना बनाना किसी चुनौती से कम नहीं। रसोइयों को घंटों आग के सामने खड़ा रहना पड़ता है। जिससे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। होटल संचालकों...