नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- कहते हैं कि सफलता की राह कभी सीधी नहीं होती, बल्कि यह संघर्ष की उन सीढ़ियों से बना होता है जिन्हें पार करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है। लेकिन कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हर मुश्किलों को पार कर मंजिल तक पहुंचा जा सकता है। कुछ ऐसी ही कहानी है मध्य प्रदेश के विजय कुमार देहारिया की। जिन्होंने तमाम मुश्किल से मुश्किल चुनौतियों का सामना किया। लेकिन ये चुनौतियां इन्हें हरा नहीं पाई। उन्होंने कई असफलताओं के बाद एमपीपीएससी की परीक्षा पास की और डिप्टी कलेक्टर बनकर अपना लोहा मनवाया। चलिए आज हम आपको इनकी सक्सेस स्टोरी बताते हैं।कौन हैं विजय कुमार देहारिया विजय कुमार मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं। उनका बचपन बेहद अभावों में बीता। गांव में न तो बिजली की सुविधा थी और न ही सड़क का समुचि...