भूली-बिसरी जल विरासत की कहानियों से जागी जल-संवेदना
लखनऊ, अक्टूबर 6 -- बलरामपुर गार्डन में चल रहे 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के छठे दिन मंगलवार को किताबों के साथ लखनऊ की भूली-बिसरी जल विरासत की कहानियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। ब्लू ड्रॉप फाउंडेशन की ओर से 'लखनऊ की भूली-बिसरी जल विरासत' विषय पर टॉक शो और रेडियो स्टोरीटेलिंग के जरिए गोमती, छाछी कुआं, मोती झील, शाही बावली, छतर मंजिल और बख्शी का तालाब जैसे ऐतिहासिक जलस्रोतों की कहानी सुनाई गई। प्रस्तुति के दौरान इतिहास, पत्रकारिता, रेडियो और पर्यावरण संदेश का ऐसा मेल रहा कि कई बार सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में डॉ. देवेंद्र सिंह ने स्टूडियो एंकर और फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. मीनू खरे ने घटनास्थल से रिपोर्टर की भूमिका निभाई। उन्होंने लखनऊ के ऐतिहासिक जलस्रोतों की पृष्ठभूमि, उनसे जुड़ी रोचक कथाओं और वर्तमान स्थिति को संवादात्...
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