नई दिल्ली, मार्च 30 -- सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर भूमि विवाद के निपटारे के लिए 'राजस्व न्यायिक सेवा' स्थापित करने की मांग की गई। इसमें कहा गया कि मौजूदा समय में बिना योग्यता वाले कानूनी पेशेवर भूमि विवाद के मामलों में फैसला कर रहे हैं। याचिका में इस तरह के मामलों का फैसला करने वाले सरकारी अधिकारियों के लिए कम से कम कानूनी योग्यता और प्रशिक्षण का पैमाना भी तय करने का आदेश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया कि लगभग 66 फीसदी सिविल मामले जमीन के झगड़ों से जुड़े हैं। इसमें मुख्य कमी यह है कि इन मामलों का फैसला ऐसे अधिकारी कर रहे हैं जिनके पास औपचारिक कानूनी शिक्षा और प्रशिक्षण नहीं है। इसकी वजह से फैसला अक्सर गलत और एक-दूसरे से अलग होते हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर 2 अप्रैल को सुनवाई होने की संभावना है। याचिका में कहा गया कि ...