भागलपुर, जून 4 -- हलगांव, निज प्रतिनिधि। विक्रमशिला की पावन धरती पर प्रस्तावित केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के मुआवजा भुगतान संबंधी प्रक्रिया को लेकर भू-अर्जन विभाग द्वारा अंतिचक मध्य विद्यालय में विशेष शिविर का आयोजन हुआ। हालांकि, शिविर में अधिकांश किसान अनुपस्थित रहे, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि उनकी भूमि के बदले निर्धारित मुआवजा राशि का आकलन अपेक्षाकृत कम किया गया है। उनका कहना है कि फलदार एवं अन्य प्रकार के वृक्षों के लिए अलग से मुआवजा निर्धारित नहीं किया गया है। साथ ही, भूमि पर मौजूद पेड़ों की संख्या के आकलन में भी कई विसंगतियां हैं। किसानों का कहना है कि कृषि भूमि ही उनके जीवनयापन का एकमात्र आधार है, जबकि भूमि अधिग्रहण के बदले रोजगार अथवा अन्य सुविधाओं की कोई स्पष्ट...