मुरादाबाद, मई 14 -- नगर में भूड़ वाली ज्यारत पर हजरत वली मोहम्मद एवं हजरत महमूद शाह मियां के मजार पर सालाना उर्स का आयोजन किया गया। मंगलवार की शाम शुरुआत मिलाद शरीफ से किया गया। तकरीर कार्यक्रम में मौलाना मोहम्मद आजम ने कहा कि हम सब बुजुर्गों की ही देन हैं उन्होंने ही हमें अदब तहजीब सिखाया,उन्होंने ही हमें पहचान दी इसलिए हमें हर हाल में उनका अहतराम करना चाहिए। हमारे यह दोनों बुजुर्ग भी उन्हीं में से एक हैं इनका नगर समेत आसपास के क्षेत्र में बहुत करम है यहां आने वाला कभी खाली हाथ मायूस होकर नहीं लौटता। उन्होंने पड़ोसियों से अच्छे संबंध रखना बुरे कामों से बचने को कहा।दूसरे दिन बुजुर्गों की शान में कव्वाली पेश की गईं। तीसरे दिन जुम्मेरात को बाद नमाजे मगरिब कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। जिसमें नियाज नजर के बाद मुल्क और कौम की तरक्की खुशहाली के ...