सुल्तानपुर, मई 31 -- सुलतानपुर, संवाददाता । बारिश कम होने व गर्मी के कारण भूगर्भ जलस्तर नीचे जाने से एक दशक पहले हुई नलकूप की बोरिंग पानी छोड़ने लगे हैं। राजकीय नलकूप की भी स्थित खराब होने व नहरों में समय पर पानी नहीं आने से किसानों को खेती के लिए पानी की चिंता सताने लगी है। किसान उथली बोरिंग के स्थान पर मध्यम गहरी बोरिंग कराने के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन लक्ष्य तय न हो पाने के कारण जिले में 300 से अधिक किसानों का आवेदन लंबित है। जिले में सिचिंत क्षेत्रफल एक लाख 53 हजार से अधिक है। राजकीय नलकूप के सहारे 2.48 फीसदी, नहर से 13 फीसदी, निजी नलकूप से 83 फीसदी क्षेत्रफल की सिंचाई करते हैं। खेती करने वाले किसानों में 80 हजार से अधिक किसान निजी नलकूप की बोरिंग कराएं है। इसमें उथली-निशुल्क बोरिंग की संख्या अधिक है। पिछले एक दशक में भूगर्भजल स्त...