सिद्धार्थ, मार्च 1 -- बयारा, हिन्दुस्तान संवाद। रमजान पर्व पर रोज़ा रखकर लोग इबादत में वक्त बिता रहे है। घर के बड़े लोगों की दिनचर्या देखकर बच्चों में भी रोज़ा रखने का जज्बा है। रमजान माह के दसवें दिन रविवार को मिश्रौलिया गांव के मोहम्मद आदिल (7) पुत्र मोहम्मद सादिक व कादिराबाद गांव के नबील अहमद (7) पुत्र मोहम्मद शाहिद ने भूख-प्यास को त्याग कर पूरे समय का रोज़ा रखा। अभिभावकों ने बताया कि बच्चों ने रोज़ा रखना खुद की इच्छा से शुरू किया और हम लोगों के साथ भोर में सहरी खाकर इबादत भी किए। शाम को रोजा इफ्तार में रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के साथ खुशी-खुशी इफ्तार किया। मौलाना उजैर अहमद ने कहा कि माह ए रमजान में रोजा, नमाज और कुरान पढ़ना शवाब का काम है।

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