मधुबनी, जनवरी 13 -- मधुबनी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र द्वारा देशभर में 100 नयी भूकंपीय वेधशालाएं स्थापित करने की योजना में भले ही मधुबनी जिला शामिल नहीं है,लेकिन ताजा सिस्मिक वर्गीकरण ने जिले की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। नये आकलन के अनुसार मधुबनी अब सिस्मिक जोन-6 में पहुंच चुका है, जो देश में भूकंप के लिहाज से सबसे अधिक जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है। यह स्थिति न सिर्फ जिला प्रशासन बल्कि आम लोगों के लिए भी गंभीर चेतावनी है। पर्यावरणविद्द डा. विनय कुमार दास ने बताया कि यह जिला हिमालयी क्षेत्र के अपेक्षाकृत निकट है और यहां की भौगोलिक संरचना युवा जलोढ़ मिट्टी पर आधारित है। यही कारण है कि भूकंप के दौरान जमीन के हिलने का प्रभाव यहां अधिक तीव्र हो सकता है। जो काफी खतरनाक बन सकता है। खतरनाक हालत में पहुंचा सीमावर्ती प्रखंड: जिले के उत्तरी और...