रामगढ़, मई 8 -- भुरकुंडा, निज प्रतिनिधि। भुरकुंडा परियोजना की संगम खुली खदान शुरू होने के 24 घंटे के भीतर ही शुक्रवार को रैयत-विस्थापित मोर्चा ने खनन कार्य ठप करा दिया। ढोल-नगाड़ा, डुगडुगी और पारंपरिक हथियारों के साथ सैकड़ों महिला-पुरुष झारखंड मुक्ति मोर्चा का झंडा लेकर कार्यस्थल पहुंचे और खदान में चल रहे कार्य का विरोध किया। आंदोलन कर रहे रैयत-विस्थापितों ने आरोप लगाया कि सीसीएल प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी आरए माइनिंग ने उन्हें नजरअंदाज कर आनन-फानन में खनन कार्य शुरू कर दिया। मोर्चा के रंजीत बेसरा, वीरेंद्र मांझी, शंकर मांझी, सन्नी बेसरा और बिहारी मांझी आदि वक्ताओं ने कहा कि उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन अब तक न तो मुआवजा मिला और न ही नौकरी व पुनर्वास की व्यवस्था की गई। इसे लेकर उन्होंने कोर्ट में केस भी किया है। इसके बावजूद प्रबं...