बोकारो, मई 27 -- बेरमो, सिद्धार्थ नारायण। ज्येष्ठ माह यानी बोलचाल में जेठ माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 25 मई से ही रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश हो गया है। यह नक्षत्र कुल 15 दिनों तक के लिए आगामी 8 जून तक रहेगा। यह नक्षत्र रोहण के नाम से किसानों में भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है, जिसमें धान सहित अन्य फसलों के बीज बोने की भी शुरुआत करने की परंपरा है। परंतु मनमाना मौसम के कारण इस नक्षत्र का प्रवेश भी बारिश के बीच हुआ है। नौतपा में धरती का तपना कृषि कार्य के लिए जरूरी : रोहिणी नक्षत्र में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती है जिससे धरती गर्मी से तप जाती है। शुरू में नौ दिनों तक अत्यधिक धूप पड़ने के कारण ही इसे नौतपा कहते हैं। माना जाता है कि गर्मी से धरती के तपने के कारण ही अच्छी वर्षा भी होती है और जमीन के कीट-कीटाणु मर जाते है...
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