पटना, जनवरी 4 -- भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास होगा। जिला प्रशासन और बाल संरक्षण इकाई द्वारा इसके लिए योजना बनाई गई है। इसके तहत पटना शहरी क्षेत्र और आसपास में भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। उन्हें आश्रय गृह में जगह दी जाएगी और वहीं उनके पोषण और शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। सरकार द्वारा चलाई जा रही लोक कल्याणकारी और विकासात्मक योजनाओं से जोड़कर ऐसे बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाने और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने सभी भागीदारों को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही है। डीएम के निर्देश पर पिछले सप्ताह जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं मानव व्यापार निषेध इकाई द्वारा समेकित रूप से सघन अभियान चलाकर डाक बंगला चौराहा, एग्जीबिशन रोड...