बेगुसराय, मार्च 29 -- सिंघौल, निज संवाददाता। मौसम में हो रहे परिवर्तन का असर खेतों में लगी फसल पर हो रहा है। खासकर विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। पूसा स्थित कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों की ओर से किसानों के लिए समसामयिक सुझाव जारी किए गए हैं। इसके अनुसार पिछले महीने बोई गई सब्जियों में आवश्यकता अनुसार निराई-गुड़ाई करें और कीटों की निगरानी करते रहें। कीट प्रकोप होने पर मैलाथियान 50 ईसी या डाइमेथोएट 30 ईसी एक एमएल प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें, लेकिन यह कार्य केवल साफ मौसम में करें। बसंतकालीन मक्का, टमाटर बैंगन और प्याज की फसलों में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी करते रहे ताकि समय पर नियंत्रण किया जा सकें। भिंडी की फसल में लीफ हॉपर कीट का विशेष ध्यान रखें। यह छोटे हरे रंग का कीट पत्तियों क...