सीतामढ़ी, फरवरी 7 -- परसौनी। प्रशासनिक लचर व्यवस्था से अपने ही सरकार में दलित समुदाय के लोग काफी उपेक्षित है। दलित महादलित समुदाय की विकास का दावा करने वाले प्रशासन की हकीकत सामने आ रही है। प्रखंड क्षेत्र के मुशहरी गांव के वार्ड संख्या एक स्थित बागमती नदी पुरानी धार के पार दलित कॉलोनी बसी है। हजारों लोगों को रोजमर्रा के कामकाज के लिए नदी पार कर आवागमन करना पड़ता है। नदी पार करने के लिए प्रशासन की ओर से सरकारी नाव की व्यवस्था की गई थी। लेकिन बरसात की वजह से नदी में पानी बढ़ने का हवाला देकर नाव हटा लिया गया। इससे परेशान लोगों ने आवागमन करने के लिए चंदा जुटाकर भाड़े के नाव की व्यवस्था की है। भाड़े का नाव से आवागमन से कभी भी बड़ी घटना से इन्कार नही किया जा सकता है। प्रशासन की ओर से करीब एक माह पूर्व नदी से सरकारी नाव हटा लिया गया है। इससे हजारो...