नई दिल्ली, मार्च 6 -- 6 मार्च 2026, शुक्रवार को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। चैत्र मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है और संकटों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से व्रत रखने, पूजा करने और कथा सुनने से जीवन के कष्ट, बाधाएं, आर्थिक तंगी और ग्रह-दोष दूर होते हैं। विशेष रूप से इस व्रत में कथा सुनना या पढ़ना अनिवार्य माना गया है। कथा के बिना व्रत अधूरा रहता है। आइए जानते हैं भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का महत्व और व्रत कथा।भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का महत्व हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। चैत्र मास की इस चतुर्थी को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है क्योंकि इस दिन भगवान गणेश का भाल (माथा) चंद्रमा से सुशो...