गंगापार, अगस्त 20 -- मूसलाधार बारिश से बहरिया क्षेत्र से निकली मनसैता नदी में उफान पर है। तेजी से बढ़े जलस्तर से नदी की तराई में बोई गई तिल्ली, बजरा, धान और सब्जियों की फसल जलमग्न हो गई। नदी का पानी खेतों से होता हुआ गांव में पहुंच गया है। जिससे आने-जाने के रास्ते पानी में डूबे हैं। कई जगह सड़कों को काटकर पानी निकाला गया। प्रतापगढ़ के दमदम और अतरी सूजहा के उमरन ताल से निकली मनसैता नदी बहरिया क्षेत्र के कई गांव से होते हुए गंगा में मिलती है। वैसे तो यह नदी गर्मी के मौसम में सूखी रहती है, लेकिन बरसात के मौसम में नदी में जल प्रवाह होता है। सोमवार की रात में मूसलाधार वर्षा से नदी के किनारे स्थित सातनपुर, कहली, दुल्हेपुर, रामपुर डांडी, किरांव, सिसई सिपाह, भानेमऊ, त्रिलोकपुर, नरी, खावां, जुगनीडीह, सोनबरसा, धनपालपुर, सिकंदरा, सराय हरिकिशुन, चिल्...