मदन जैड़ा, जून 6 -- नेपाल में जेन जी सरकार की टिप्पणियों से भारत असहज जरूर है, लेकिन उसे लगता है कि इस मामले को धैर्य एवं कूटनीतिक सूझबूझ से सुलझाने की जरूरत है। इसलिए शनिवार को जब नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे तो उन्हें यह समझाया जाएगा कि नेपाल की प्रगति में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है और आगे भी निभा सकता है। जहां तक सीमा विवादों का प्रश्न है उन्हें सुलझाने के लिए द्विपक्षीय तंत्र बना हुआ है। भारत की कोशिश यह समझाने की होगी कि फिजूल कि टिप्पणियों से कुछ हल नहीं निकलेगा, बल्कि संबंध और खराब होंगे। सूत्रों के अनुसार नेपाल के विदेश मंत्री खनाल की भारत यात्रा उनके अनुरोध पर अचानक तय हुई है तथा वह शुक्रवार को भारत पहुंच चुके हैं। हाल में सत्ताधारी दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रब...