नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- रहीस सिंह,वैश्विक मामलों के वरिष्ठ अध्येता भारत ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसके अपने निहितार्थ हैं और संदेश भी, लेकिन उससे भी अधिक मायने हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के, जो ब्रिक्स की बैठक से एक दिन पहले ही हो रही है। यह भेंट क्रेमलिन की इस सोच के साथ हो रही है कि रूस, भारत को अपना रणनीतिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के रिश्ते उसके लिए बेहद अहम हैं। अहम इसलिए, क्योंकि पुतिन उस दौर में भारत की यात्रा पर आ रहे हैं, जब रूस वैश्विक अलगाव एवं पश्चिमी दुनिया के वैचारिक-आर्थिक हमलों से गुजर रहा है और पूरी दुनिया की निगाहें पुतिन पर आ ठिठकी हैं। पुतिन के लिए यह तय करने का वक्त भी हो सकता है कि पुरानी और नई दोस्ती को कैसे देखें और किसे चुनें? कुछ विश्लेषक उन्हें...