मुरादाबाद, जुलाई 15 -- मुरादाबाद। भारत और यूके यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) बुधवार से लागू हो गया। यह समझौता लागू होने से हस्तशिल्प के क्षेत्र से जुड़े निर्यातकों एवं अन्य उद्यमियों में उम्मीद की लहर दौड़ गई। हस्तशिल्प निर्यात संवर्द्धन परिषद (ईपीसीएच) ने इससे भारतीय हस्तशिल्प के लिए शून्य शुल्क द्वार खुल जाने की बात कही। ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ.नीरज खन्ना ने किा कि भारत-यूके सीईटीए का बुधवार से लागू होना भारत के हस्तशिल्प के लिए परिवर्तनकारी उपलब्धि है। यह भारतीय निर्यातकों को एक उच्च मूल्य और गुणवत्ता सचेत बाजार में शून्य शुल्क पहुंच प्रदान करेगा। जिससे वे अन्य आपूर्तिकर्ता देशों के साथ अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। यह भी पढ़ें- Kanpur News: करार के बाद कानपुर से यूके को पहला निर्यात रवाना...