नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुए युद्ध ने भारत में ईंधन की सप्लाई चेन को जोरदार झटका दिया है। इसका सबसे अधिक असर एलपीजी सप्लाई पर पड़ा है। हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर सहमति बनी है। पाकिस्तान में एक दौर की वार्ता भी शुरू हुई है। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है। भारत के कुल एलपीजी आयात का लगभग 90% हिस्सा गुजरता है। दोनों देशों के बीच हुई शांति वार्ता के बाद स्थिति सामान्य होने की अटकलें लगने लगी है। हालांकि, एक सरकारी अधिकारी ने जो बयान दिया है वह चिंता बढ़ाने वाली है। एक सरकारी अधिकारी का कहना है कि भारत की एलपीजी (LPG) सप्लाई चेन को इस झटके से पूरी तरह उबरने में कम से कम 3 से 4 साल का समय लग सकता है।सप्लाई चेन पर गहरा संकट सरकारी ...