नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- भारत में सितंबर की शुरुआत में जब ग्रामीणों ने कैसुअरीना के जंगल में ओरंगुटान के पांच छोटे बच्चों को देखा, तो वे उनके लाल रंग के बालों और अनजान चेहरों को देखकर हैरान रह गए। ग्रामीणों को समझ नहीं आया कि ये किस जानवर के बच्चे हैं। इन पांच बच्चों में तीन नर और दो मादा हैं। इनकी उम्र छह से आठ महीने के बीच है। इन्हें पूर्वी भारत के ओडिशा में एक बागान में छोड़ दिया गया था। यह जगह इनके प्राकृतिक वर्षावनों से 2,700 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर है। ओरंगुटान के प्राकृतिक वर्षावन बोर्नियो और सुमात्रा द्वीपों पर हैं। इन बच्चों का यहां मिलना इस बात का सबूत है कि बंदरों की इस प्रजाति को अवैध तरीके से भारत लाने का कारोबार बढ़ रहा है। यह भी पढ़ें- चीन के विशाल ब्रह्मपुत्र बांध परियोजना पर बाढ़ का खतराचिड़ियाघर में बच्चों की देखभाल अब...