नई दिल्ली, मार्च 8 -- डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस के बीच भारत सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है। इसके बजाय, सरकार 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के लिए एक नुआंस्ड और ग्रेडेड (बारीक और श्रेणीबद्ध) दृष्टिकोण अपनाने पर विचार कर रही है, जिसमें उम्र के हिसाब से अलग-अलग पाबंदियां तय की जाएंगी। इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा है कि सरकार इस मुद्दे पर एक नया कानून लाने की तैयारी में है, जिसे संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है।प्रस्तावित नियमों के तहत बच्चों को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: 8 से 12 वर्ष: सबसे अधिक प्रतिबंधात्मक नियम। 12 ...