भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा समझौता की हो समीक्षा
बक्सर, अगस्त 16 -- बोले सांसद सांसद सुधाकर सिंह ने पीएम को पत्र लिखकर किया मांग बिहार के जिलों में गंगा में जल उपलब्धता में हो रही कमी बक्सर, हमारे संवाददाता।
समझौते का इतिहास दिसंबर 2026 में भारत-बांग्लादेश के बीच वर्ष 1996 में हुए फरक्का जल-बंटवारा समझौते के 30 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इसकी समीक्षा होनी है। समझौता के कारण गंगा में जल की उपलब्धता कम रहती है। जिससे दुष्प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय सांसद सुधाकर सिंह ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इसकी समीक्षा की मांग की है।
बिहार की जल जीवन-रेखा भेजे पत्र में कहा है कि बिहार एक स्थल-रुद्ध (लैंडलॉक्ड) राज्य है, जिसके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई प्रत्यक्ष मार्ग नहीं है। ऐतिहासिक रूप से गंगा, कोसी एवं सहायक नदियां ही इस क्षेत्र की व्यापारिक जीवन-रेखा रही हैं। आज भी हल्दिया व कोलकाता बंदरगाहों तथा व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.