नई दिल्ली, मई 3 -- भारत ने रविवार को उत्तराखंड में दशकों पुराने लिपुलेख के रास्ते से होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा पर नेपाल की आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय दावों का इस तरह एकतरफा और मनमाना विस्तार अस्वीकार्य है। यह भी पढ़ें- नेपाल ने लिपुलेख के रास्ते कैलाश-मानसरोवर मार्ग पर आपत्ति जताईनेपाल की आपत्ति नई दिल्ली की यह तीखी प्रतिक्रिया नेपाल के विदेश मंत्रालय के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद आई, जिसमें उसने भारत और चीन द्वारा लिपुलेख दर्रे के रास्ते वार्षिक तीर्थयात्रा की तैयारियों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। नेपाल का दावा है कि यह क्षेत्र उसका है और भारत-चीन ने काठमांडू से बिना सलाह-मशविरा किए ही ये तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले हफ्ते, विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि वार्षिक कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से...
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