नई दिल्ली, अगस्त 28 -- भारत के दो पड़ोसी देशों बांग्लादेश और नेपाल के साथ इस समय कूटनीति की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। एक तरफ ढाका में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार के मुखिया तारिक रहमान को नई दिल्ली ने लगातार संवाद का संकेत दिया, लेकिन वे भारत आने को लेकर अब तक निर्णायक कदम नहीं उठा पाए। दूसरी तरफ नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र 'बालेन' शाह अब अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को प्राथमिकता देते दिख रहे हैं। बालेन शाह के कार्यकाल की शुरुआत भारत के साथ तल्ख सीमा विवाद और तीखे बयानों से हुई थी। लेकिन वे उस परंपरा को निभाने जा रहे हैं जो दशकों से चली आई है- नेपाल का पीएम पहला विदेश दौरान भारत का करता है।बांग्लादेश के पीएम ने चीन को चुना दक्षिण एशिया की राजनीति में कई बार किसी नेता की यात्रा से ज्यादा महत्वपूर्ण यह होता है कि...