नई दिल्ली, मार्च 3 -- नई दिल्ली। घरेलू कंपनियों की शिकायतों के बाद भारत ने चीन से आयातित पीवीसी (पॉलीविनाइल क्लोराइड) रेजिन के खिलाफ प्रतिपूर्ति शुल्क जांच शुरू कर दी है। इस उत्पाद का उपयोग पाइप, बोतल और केबल सहित कई क्षेत्रों में किया जाता है। वाणिज्य मंत्रालय की इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने केम्प्लास्ट कुड्डालोर विनाइल्स, डीसीएम श्रीराम और डीसीडब्ल्यू लिमिटेड द्वारा दायर एक आवेदन के बाद यह जांच शुरू की है। आवेदकों ने आरोप लगाया है कि चीन अपने पीवीसी सस्पेंशन रेजिन निर्माताओं को सब्सिडी दे रहा है और वे कंपनियां भारतीय बाजारों में सस्ते दामों पर माल 'डंप' कर रही हैं, जिससे घरेलू उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

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