नई दिल्ली, जुलाई 2 -- शशांक ,पूर्व विदेश सचिव जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची वैसे तो 'भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन' के लिए तीन दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली आई हैं, मगर तेजी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में उनके इस दौरे की खास अहमियत है और यह बात दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के एक-दूसरे के प्रति आत्मीय संबोधन से भी ध्वनित होती है। ताकाइची ने कहा भी है कि भारत-जापान संबंध एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। भारत और जापान के सभ्यतागत संबंध बहुत पुराने हैं। कई भारतीय देवी-देवताओं की वहां आज भी पूजा होती है। हालांकि, दूसरे विश्व-युद्ध के बाद से लेकर शीत युद्ध के अंत तक एक लंबा अंतराल ऐसा रहा, जब हमारे संबंधों पर धूल की मोटी परत जमी रही। दरअसल, एशिया में जापान पहला देश है, जिसने पश्चिमी औद्योगिक क्रांति का गहन अध्ययन किया और उसे अपनाया। इससे ...