नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- भारत को हमेशा दो मोर्चों के युद्ध में उलझाने की कोशिश पाकिस्तान करता रहा है। इसी नीति के तहत उसने पीओके का एक हिस्सा चीन को दिया था। पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत तो ढाई मोर्चे के युद्ध की बात अकसर करते थे- पहला चीन, दूसरा पाकिस्तान और तीसरा आंतरिक संघर्ष। लेकिन अब इससे भी बड़ी चुनौती पाकिस्तान के आगे खड़ी होती दिखती है और यह एक या दो नहीं बल्कि 4 मोर्चों पर है। जी हां, पाकिस्तान के सामने 4 मोर्चों पर जंग का संकट बना हुआ है। ये 4 मोर्चे कुल 8000 किलोमीटर लंबी सीमा पर हैं और पाकिस्तान की इनसे निपटने की तैयारी भी पर्याप्त नहीं दिखती है। पाकिस्तान के सामने यह संकट अफगानिस्तान से तनाव के चलते बढ़ा है। पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने तो इस डर को खुलेआम जाहिर भी किया, जब कहा कि अफगानिस्तान से जंग के दौरान भार...
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