नई दिल्ली, मार्च 7 -- ईरान पर अमेरिका और इजरायल के द्वारा लगातार हो रहे हमले के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। कई शहरों में पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें देखी गईं। वाहन मालिक ईंधन का स्टॉक करने में व्यस्त हैं। इस बीच केंद्र सरकार की तरफ से एक स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेल की कमी को लेकर फैली अफवाहों के बीच यह काफी महत्वपूर्ण है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास वर्तमान में 25 करोड़ बैरल (लगभग 4,000 करोड़ लीटर) कच्चा तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का संयुक्त भंडार है। यह मात्रा पूरे देश की जरूरतों को 7 से 8 सप्ताह (लगभग 50-60 दिन) तक पूरा करने के लिए पर्याप्त है। भारत ने अपना तेल भंडार किसी एक जगह रखने के बजाय रणनीतिक रूप से पूरे देश में फैलाए हुए है। मैंगलोर, पादुर और व...