नई दिल्ली, नवम्बर 5 -- जलवायु परिवर्तन के चलते भारत में खाद्य सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है। एक नई शोध रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर साल करीब 13 अरब डॉलर के खाद्यान्न का नुकसान जलवायु जोखिम और कोल्ड चेन की कमी के कारण हो जाता है। बढ़ती गर्मी से दूध उत्पादन घट रहा है, खेतों पर चरम मौसम की मार बढ़ रही है। इस साल छह राज्यों ने सूखा घोषित किया। क्लाईमेट ट्रेंड्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में जलवायु परिवर्तन का असर अब खेतों से निकलकर मंडियों, खाद्य आपूर्ति और आम लोगों की रसोई तक पहुंच रहा है। कहीं सूखे से फसल और किसानों की आजीविका प्रभावित हो रही है, तो कहीं भीषण गर्मी में फल-सब्जियां बाजार तक पहुंचने से पहले खराब हो रही हैं। यह भी पढ़ें- शुरुआती नौ महीनों में भारत पर अत्यधिक खराब मौसम की मारमंडी में गर्मी से बढ़ता नुकसान रिपोर्ट...