चित्रकूट, मार्च 18 -- चित्रकूट, संवाददाता। ग्रामोदय विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी में प्रदर्शित विशिष्ट चित्रों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। कुलगुरु प्रो आलोक चौबे व उनकी पत्नी डा सुषमा चौबे की मौजूदगी में अंर्तराष्ट्रीय कलाकार गीता दास और बीनू गुप्ता दिल्ली ने अपने-अपने चित्र की थीम एवं भावार्थ को प्रस्तुत किया।गीता दास ने कहा कि यह चित्र भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों और आधुनिक तकनीकि युग के मध्य सेतु का कार्य करता है। चित्र में आध्यात्मिक चेतना, गुरु-शिष्य परंपरा, देवी-देवताओं की उपस्थिति के साथ-साथ वर्तमान समय के वैज्ञानिक और तकनीकि विकास को एक ही फ्रेम में संयोजित किया गया है। चित्र का मूल भाव यह है कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा अब भी आधुनिक विज्ञान और तकनीक की दिशा निर्धारित करने में सक्षम है। ध्या...