गंगापार, अक्टूबर 1 -- श्रीअन्न जिसे हम लोग मोटा अनाज भी कहते हैं वे भारत की जड़ों से जुड़ा हुआ हैं लेकिन हम लोगों ने इन्हे बिसरा सा दिए हैं। हमें उनकी तरफ पुनः लौटना होगा क्योंकि यें हमारे स्वास्थ्य के अनुकूल हैं। इनके उपभोग से हम बीमारियों से दूर भी रह सकते हैं। उक्त बातें फूलपुर बीआरसी में कृषि विभाग द्वारा आयोजित मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए प्रशिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने कहीं। प्रशिक्षक धनंजय ने बताया कि ज्वार, बाजरा, सावा, कोंदो, रागी जैसे अनाजो के उपयोग को बढ़ावा देना होगा। मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष अतुल कनौजिया, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ अध्यक्ष मिथिलेश, महामंत्री राधेश्याम मिश्रा, शिक्षामित्र संघ जिला महामंत्री सुनील तिवारी आदि रहे।

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